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क्यों मानते है विश्व स्वास्थ्य दिवस?

वर्ल्ड हेल्थ डे यानि विश्व स्वास्थ्य दिवस हर साल 7 अप्रैल को मनाया जाता है।  इसकी शुरुआत साल 1950 में विश्व स्वास्थ्य संगठन यानि  (WHO) ने की थी। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरुक करना और  दुनिया भर के लोगों के स्वास्थ्य स्तर को बेहतर करना और समाज को जानलेवा बीमारियों के प्रति जागरूक करना है। ताकि हर व्यक्ति स्वस्थ रहे और जरूरत पड़ने पर अच्छे इलाज की सुविधा प्राप्त कर सके।  आज भी अधिकांश व्यक्तियों के रोग का या तो समय पर पता नहीं चल पाता है या उसका सही तरह से उपचार नहीं हो पाता है, जिसके कारण हर साल पूरी दुनिया में करोड़ों लोगों की असमय ही मृत्यु हो जाती है| अतः पूरी दुनिया में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए साल में एक दिन विश्व स्वास्थ्य दिवस के रूप में मनाया जाता है|

पहली बार वर्ल्ड हेल्थ डे कब मनाया :-

1948 में पहली बार विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ल्ड हेल्थ असेंबली का गठन किया. जिसमें पहली बार 7 अप्रैल 1950 को विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया. तभी से हर साल इसी तारीख को पूरी दुनिया वर्ल्ड हेल्थ डे मनाती है।

आखिर क्यों मनाया जाता है वर्ल्ड हेल्थ डे –

1950 को पहली बार डब्ल्यूएचओ से जुड़े सभी देशों ने विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया था।उसके बाद जैसे जैसे देश डब्ल्यूएचओ से जुड़ते हुए, वहां हर साल अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य दिवस मनाने की शुरुआत हुई। डब्ल्यूएचओ की 75वीं वर्षगांठ वर्ष सार्वजनिक स्वास्थ्य सफलताओं को देखने का एक अवसर है जिसने पिछले सात दशकों के दौरान जीवन की गुणवत्ता में सुधार किया है| यह आज और कल की स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए कार्रवाई को प्रेरित करने का अवसर भी है|

विश्व स्वास्थ्य दिवस की थीम :-

विश्व स्वास्थ्य दिवस एक वैश्विक स्वास्थ्य जागरूकता दिवस है जिसका उद्देश्य विश्व स्वास्थ्य संगठन के लिए चिंता के प्राथमिकता वाले क्षेत्र को उजागर करने के लिए एक विशिष्ट स्वास्थ्य विषय के बारे में जागरूकता पैदा करना है| इस तारीख के लिए हर साल, एक विषय चुना जाता है जो डब्ल्यूएचओ के लिए प्राथमिकता चिंता के क्षेत्र पर प्रकाश डालता है। WHO ने इस साल “हेल्थ फॉर ऑल” थीम के साथ इसे मनाने का फैसला किया है। इस बार का विषय इस सोच को दर्शाता है कि, स्वास्थ्य एक बुनियादी मानव अधिकार है और हर किसी को बिना किसी वित्तीय कठिनाइयों के जब और जहां इसकी आवश्यकता हो उसे स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए।

 थीम का मतलब हैं – जीवेम शरदः शतम

भारत की संस्कृति में सबको सौ वर्ष के जीवन की शुभकामनाएं दी जाती हैं|  स्वस्थ रहने के लिए दुनिया में भी योग और आयुर्वेद के प्रति रुझान बढ़ता जा रहा है| इसके साथ ही आयुष इंडस्ट्री का भी लगातार विस्तार हो रहा है| हेल्थ सेक्टर में भारत में लगातार नए स्टार्टअप भी जन्म ले रहे हैं| हेल्थ बिल्कुल वेल्थ के जैसे है, जब तक हम उसे खो नहीं देते, हमें उसकी सही कीमत समझ नहीं आती| कुछ स्वास्थ्य समस्याएं आने पर हमें लगता है कि अब हमें स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरुरत है| लेकिन कुछ कदम उठाकर हम स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को काफी हद तक कम कर सकते हैं|

स्वस्थ आहार खाएं, नमक और चीनी का कम सेवन करें

शराब के हानिकारक उपयोग से बचें, धूम्रपान न करें

समय पर स्वास्थ्य परीक्षण करवाएं और जांच कराएं

टीका लगवाएं

अपने शरीर को हाइड्रेट रखें

शारीरिक रूप से सक्रिय रहे, रोज कम से कम 8000 कदम चलें

खाना सही से चबा करके खाएं

खांसते या छींकते समय अपने मुंह को ढंकें

यातायात कानूनों का पालन करें

समय पर स्वास्थ्य परीक्षण करवाएं और जांच कराएं

विश्व स्वास्थ्य दिवस का उद्देश्य :-

कोरोना महामारी से जूझ रही दुनिया इस साल अपना 72वां विश्व स्वास्थ्य दिवस मना रही है। ऐसे में इस दिवस का महत्व कई गुना ज्यादा बढ़ गया है। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रखना है। दुनियाभर में लाखों की संख्या में लोग आज कई बड़ी बीमारियों से जूझ रहे हैं। जिसमें कोरोना, टीबी, पोलियो, कैंसर और एड्स जैसी कई घातक बीमारियां शामिल हैं। ऐसे में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरुक करना ही इस दिवस का मुख्य उद्देश्य है।

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