अहमदाबाद, सूरत मेट्रो का भूमि पूजन: 2014 के बाद 45अहमदाबाद, सूरत मेट्रो का भूमि पूजन: 2014 के बाद 450 KM मेट्रो नेटवर्क बना0 KM मेट्रो नेटवर्क बना
अहमदाबाद, सूरत मेट्रो का भूमि पूजन: 2014 के बाद 450 KM मेट्रो नेटवर्क बना

अहमदाबाद, सूरत मेट्रो का भूमि पूजन: 2014 के बाद 450 KM मेट्रो नेटवर्क बना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अहमदाबाद मेट्रो के फेज-2 और सूरत मेट्रो प्रोजेक्ट का भूमि पूजन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया। मोदी ने कहा कि इन प्रोजेक्ट्स से देश के दो बड़े कारोबारी केंद्रों की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि आज सूरत आबादी के लिहाज से एक तरफ देश का आठवां बड़ा शहर है, लेकिन दुनिया का चौथा सबसे विकसित होता शहर भी है।

दुनिया के हर 10 हीरों में से 9 सूरत में तराशे जाते हैं।इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अलावा राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी मौजूद रहे।

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि उत्तरायण की शुरुआत में आज अहमदाबाद और सूरत को बहुत ही अहम उपहार मिल रहा है. देश में मेट्रो मार्ग को मजबूत किया जा रहा है. इससे सूरत के व्‍यापारिक नेटवर्क आपस में जुड़ेंगे. आज अहमदाबाद में 17 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के इंफ्रास्ट्रक्चर का काम शुरू हो रहा है. ये दिखाता है कि कोरोना के इस काल में भी नए इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण को लेकर देश के प्रयास लगातार बढ़ रहे हैं.

पीएम मोदी ने कहा, ‘2014 से पहले के 10-12 साल में सिर्फ 225 किमी मेट्रो लाइन ऑपरेशनल हुई थी. वहीं बीते 6 वर्षों में 450 किमी से ज्यादा मेट्रो नेटवर्क चालू हो चुका है. अहमदाबाद के बाद सूरत गुजरात का दूसरा बड़ा शहर है जो मेट्रो जैसे आधुनिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम से जुड़ेगा. सूरत में मेट्रो नेटवर्क एक प्रकार से पूरे शहर के महत्वपूर्ण व्यापारी केंद्र को आपस में कनेक्ट करेगा.’

गांधीनगर की पहचान अब युवाओं से है

गांधीनगर की पहचान पहले सरकारी नौकरी करने वालों और रिटायर्ड लोगों के सुस्त क्षेत्र की बन गई थी। पिछले कुछ सालों में यहां की छवि बदली। अब यहां कहीं भी जाएं, युवा और सपनों का अंबार दिखेगा।

प्राचीनता को बरकरार रखते हुए अहमदाबाद को आधुनिक बनाया

थिंकर्स, लीडर्स, बिजनेसमैनों के यहां आने के कारण नई दिशा भी मिली है। गांधीनगर जीवंत हो गया है। अहमदाबाद में भी अनेक ऐसी योजनाएं हैं जो शहर की पहचान बन चुकी हैं। BRT, मोटेरा का स्टेडियम, साबरमती रिवर फ्रंट बीते सालों में बने हैं। शहर की प्राचीनता बरकरार रखते हुए आधुनिक बनाया गया है। अहमदाबाद और सूरत को मुंबई से जोड़ने वाली बुलेट ट्रेन का काम भी जोरों पर है।

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