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1 नवंबर को PM की घोषणा संभव

तानिया शर्मा

1 नवंबर को PM नरेंद्र मोदी राजस्थान के बांसवाड़ा में आदिवासियों के तीर्थ मानगढ़-धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने की घोषणा कर सकते हैं। क्योंकि पिछले 6 महीने से खुद पीएम नरेंद्र मोदी के निर्देश पर ही इसकी तैयारियां चल रही हैं। केंद्रीय संस्कृति राज्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल 8 मई 2022 को मानगढ़ धाम आए और आदिवासियों के एक धार्मिक संकीर्तन में हिस्सा लेने के बाद जनसभा में खुद घोषणा की थी कि मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने बाकायदा इस घोषणा को लिखित में ट्वीट के जरिए भी सार्वजनिक कर दिया था।

मोदी के शिलान्यास-उद्घाटन और कार्यक्रम जारी रहने पर गुजरात दौरे पर गए सीएम गहलोत ने सियासी निशाना भी लगा दिया है। गहलोत ने कहा है कि पीएम मोदी का चुनावी कैम्पेन जब तक पूरा नहीं होगा, गुजरात में चुनाव तारीख की घोषणा नहीं होगी। मोदी 1 नवम्बर को राजस्थान के मानगढ़ धाम आ रहे हैं। इसमें मैं जाऊंगा, गुजरात और मध्यप्रदेश के सीएम भी रहेंगे। लगता है उस इवेंट के बाद गुजरात में चुनाव की तारीख घोषित हो जाए।

PM मोदी के आदेश पर ही मानगढ़ आए

इस कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के झाबुआ के 250 से ज्यादा गांवों से साधु-संत और आदिवासी समाज के लोग जुटे थे। तब मेघवाल ने कहा था कि पीएम नरेंद्र मोदी के आदेश पर ही वो यहां आए हैं। सांसद कनकमल कटारा, गढ़ी विधायक कैलाश मीणा समेत कई जनप्रतिनिधि कार्यक्रम में पहुंचे और भूमिका तैयारी की।

केंद्र सरकार की ये है तैयारी

मानगढ़ धाम पर 1500 आदिवासी शहीद हुए थे। उन सभी के नाम और गांव के नाम संग्रहालय (म्युजियम) में लिखवाकर उन्हें पहचान दी जाएगी। गोविंद गुरू के प्रतिमा स्थल का विकास और आजादी के गुमनाम हीरोज को पहचान दिलाने की मुहिम सरकार ने छेड़ी है। मानगढ़ म्युजियम को बड़े रूप में डवलप कर सभी 1500 शहीद आदिवासियों के नाम लिखे जाएंगे। पूरे घटना का वृतांत चित्रों और दस्तावेजों और पत्थर की शिलाओं पर आर्ट वर्क के जरिए दर्शाया जाएगा।

राष्ट्रीय स्मारक घोषित होने के बाद नेशनल लेवल पर हिस्ट्री में यह अध्याय जुड़ जाएगा। स्कूल-कॉलेज, यूनिवर्सिटी के कोर्स में मानगढ़ धाम और आजादी के आंदोलन में भूमिका, आदिवासी समाज से जुड़े कोर्सेस में भी रिसर्च के क्षेत्र में इसे बढ़ावा दिया जाएगा। राष्ट्रीय स्मारक बनने के बाद पैनोरमा स्थल को वर्ल्ड मैप पर पहचान मिलेगी। यह धार्मिक के साथ ही पर्यटन स्थल के रूप में भी डवलप होगा। स्थानीय आदिवासी समाज के लोगों को भी इससे रोजगार के रास्ते खुलेंगे। 15 नवम्बर को जनजाति गौरव दिवस से लेकर 17 नवम्बर मानगढ़ बलिदान दिवस तक यहां कार्यक्रम हर साल आयोजित करने की भी प्लानिंग है।

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