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7 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी करेंगे ‘शिक्षा पर्व 2021’ का उद्घाटन

तानिया शर्मा

प्रधानमंत्री मोदी ने आज यानी 7 सितंबर को सुबह 10.30 बजे शिक्षक पर्व 2021 का उद्घाटन किया. इस दौरान पीएम मोदी ने देश के तमाम शिक्षकों और अभिभावकों को संबोधित किया. कोरोना की वजह से इस कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए करना पड़ा. इस दौरान पीएम मोदी ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलावों की घोषणा की

शिक्षक पर्व 2021 का हुआ उद्घाटन

पीएम मोदी ने कार्यक्रम की शुरुआत में सबसे पहले नेशनल अवॉर्ड जीतने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया और उन्हें जीत की बधाई दी. उन्होंने आगे कहा कि शिक्षकों ने इस कठिन समय में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया. पीएम मोदी ने आगे कहा कि देश में शिक्षा के लिए, विद्यार्थियों के भविष्य के लिए शिक्षकों ने जो योगदान दिया है वो अतुलनीय है, सराहनीय है.

बता दें कि इस साल होने वाले शिक्षक वर्ष का विषय ‘गुणवत्ता और सतत विद्यालय: भारत में विद्यालयों से ज्ञान प्राप्ति’ है. इस कार्यक्रम में न केवल सभी स्तरों पर शिक्षा की निरंतरता सुनिश्चित की जाएगी, बल्कि देशभर के स्कूलों में गुणवत्ता, समावेशी प्रथाओं और स्थायित्व में सुधार के लिए नए तौर-तरीकों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा.

पीएम मोदी ने कहा कि आज शिक्षक पर्व के मौके पर कई योजनाओं की शुरुआत हो रही है. पीएम मोदी ने कहा कि जब समाज मिलकर कुछ करता है, तो इच्छित परिणाम अवश्य मिलते हैं और आपने ये देखा है कि बीते कुछ वर्ष में जनभागीदारी अब फिर भारत का नेशनल कैरेक्टर बनता जा रहा है। पिछले 6-7 सालों में जनभागीदारी की ताकत से भारत में ऐसे-ऐसे कार्य हुए हैं, जिनकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी रहेंगे मौजूद

इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी उपस्थित रहेंगे. राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को पिछले साल 29 जुलाई को प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी. इस नीति में शिक्षा की पहुंच, समता, गुणवत्ता, वहनीयता और उत्तरदायित्व जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया गया है. नई शिक्षा नीति के तहत केंद्र व राज्य सरकार के सहयोग से शिक्षा क्षेत्र पर देश की जीडीपी के छह प्रतिशत हिस्से के बराबर निवेश का लक्ष्य रखा गया है. नई शिक्षा नीति के अंतर्गत ही ‘मानव संसाधन विकास मंत्रालय’ का नाम बदल कर ‘शिक्षा मंत्रालय’ करने को भी मंजूरी दी गई है.

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्कूली पढाई से लेकर उच्च शिक्षा तक कई बदलाव किए जाने का प्रस्ताव रखा गया है जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों का पूर्ण रूप से विकास और उन्हें विश्व स्तर पर सशक्त बनाना है. नई शिक्षा नीति में स्कूल शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक कई बड़े बदलाव किए गए हैं. पहली बार मल्टीपल एंट्री और एग्जिट सिस्टम लागू किया गया है. इससे उन छात्रों को बहुत फायदा होगा जिनकी पढ़ाई बीच में किसी वजह से छूट जाती है.

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