लाहौर, मानवाधिकार कार्यकर्ता और जानी-मानी वकील अस्मा जहांगीर का रविवार को दिल का दौरा पडऩे के कारण अस्पताल में निधन हो गया। अस्मा पाक सुप्रीम कोर्ट की प्रथम महिला अध्यक्ष थीं। पाकिस्तान में सरकार और सेना की खराब नीतियों का खुलकर विरोध करने की वजह से ही अस्मा की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छवि बनी थी। गौरतलब है कि 66 वर्षीय अस्मा जहांगीर ने कुलभूषण मामले में पाकिस्तान के खिलाफ आवाज उठाई थी। अस्मा ने कहा था कि जाधव को काउंसलर एक्सेस नहीं देना पाकिस्तान की सबसे बड़ी गलती है, इससे भारतीय जेलों में बंद पाकिस्तानी कैदियों के अधिकारों पर भी खतरा बढ़ेगा, हम अंतरराष्ट्रीय कानूनों को नहीं बदल सकते। वर्ष 1983 में पाकिस्तान की जिया उल-हक सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कीअगुवाई करने के बाद 31 वर्ष की आयु में अस्मा जहांगीर को पाकिस्तान में लिटिल हिरोइन का टैग भी मिला था।
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