उदयपुर के मानस का नाम इंडिया बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में हुआ दर्ज
उदयपुर के मानस का नाम इंडिया बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में हुआ दर्ज

उदयपुर के मानस का नाम इंडिया बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में हुआ दर्ज

मानस ने 41 मिनट 24 सेकंड में गणित के 150 questions को सोल्व कर अपना नाम इंडिया बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में दर्ज करवाया है। चाहे मैथ्स के questions हो या फिर फिजिक्स के numericals … ज़्यादातर बच्चे उसे सॉल्व कर ही नहीं पाते या फिर ये कहे कि वो खुद ही ये सोचकर उसको हल नहीं करते कि उनसे हो ही नहीं पायेगा। लेकिन उदयपुर के मानस की बात की बात कुछ अलग ही है। बारह साल के मानस पुरोहित ने 41 मिनट 24 सेकंड में गणित के 150 प्रश्न को सोल्व कर इंडिया बुक ऑफ़ रिकार्ड् बनाया है। शहर के निजी स्कूल में आठवीं के विद्यार्थी मानस की प्रतिभा से उनके परिजन ही नहीं , बल्कि सारे उदयपुर निवासी गौरवान्वित है।

मानस ने बताया की उन्हें ये टैलेंट अपने पिता डॉ. गजेंद्र पुरोहित से मिला है, जो खुद जाने माने गणित के शिक्षक है। बचपन से ही उसके पिता ने मानस के लिए गणित को आसान बना दिया था। जिसने उसे किताबी ज्ञान नहीं , बल्कि व्यावहारिक जीवन का हिस्सा बना लिया। मानस के पिता उसे प्रैक्टिकल के ज़रिये ही गणित समझाते थे और उसके बाद से उसको गणित में सब कुछ आसान लगने लग गया।
मानस के पिता गजेन्द्र पुरोहित बताते हैं कि गणित आसान विषय है, इसे समझने और समझाने के तरीके की जरूरत है। शिक्षक पर निर्भर है कि वह बच्चे को किस तरह गणित पढ़ाता है। उनके मुताबिक कोई भी बच्चा गणित में खराब नहीं होता, बल्कि खराब होती है गणित को पढ़ाने का तरीका।

गजेन्द्र पुरोहित बताते हैं कि उन्होंने मानस को गणित प्रेक्टिकल करके बताया, तो उसे बहुत कम उम्र में अंक और इनका गणित समझ आने लगा। उसकी स्किल को और बेहतर करने के लिए अबेकस जॉइन करवाया और उसने अबेकस में आठवें स्तर तक गया हैं।

मानस ने बताया की उसका अगला टारगेट अब एशिया बुक ऑफ़ रिकार्ड् है। इसके लिए वो तैयार कर रहे है और मैथ्स को ज़्यादा से ज़ीज़दा समय दे रहे है। मानस का कहना है कि उनकी मैथ्स को और स्ट्रांग बनाने के लिए उनके टीचर ब्रेन कोच प्रवीण पारीक ने भी उनकी काफी मदद की है और आगे भी वही उन्हें ट्रैन कर रहे है। वही मानस की माँ स्वर्ण पुरोहित उनके प्रबंधन को संभालती है। जिससे वे हर काम को अच्छे से कर पाते है।

Check Also

What you think today becomes what you achieve tomorrow.

Every great achievement begins as a small thought in the mind of someone who dared …