जयपुर, 23 दिसम्बर। डा. मनीष बियानी के निर्देशन में विद्याधर नगर स्थित बियानी गर्ल्स कॉलेज की एसिसटेंट प्रोफेसर कनिका जोशी और दो छात्राएं चेष्टा चौधरी और ऐश्वर्या अग्रवाल अपना 10 दिन का लर्निंग रिसर्च प्रोजेक्ट समाप्त कर जापान से जयपुर पहुँचीं।
कॉलेज के एकेडमिक डायरेक्टर डॉ. संजय बियानी ने बताया कि जापान एम्बेसी की ओर से संचालित जेनेसिस-2016 कार्यक्रम के तहत कॉलेज की 2 स्टूडेंट्स चेष्टा चौधरी और ऐश्वर्या अग्रवाल और एक फैकल्टी कनिका जोशी लर्निंग और रिसर्च प्रोजेक्ट के लिए जापान गए थे। 10 दिन के इस ट्यूर में छात्राओं ने जापान के कल्चर, लीविंग स्टाइल और पढाई करने के तरीको के बारे में जाना। गौरतलब है कि इस पूरे कार्यक्रम को जापान एम्बेसी ने स्पॉन्सर किया। इस प्र्रोग्राम के तहत भारत से कुल 22 यूथ मेम्बर्स का चयन किया गया है, जिसमें से 3 बियानी गर्ल्स कॉलेज की स्टूडेंट्स और फैकल्टी हैं। 10 दिवसीय इस दौरे में इन प्रतिभागीयों ने जापान के विभिन्न हिस्सों का विजिट किया और वहां के कल्चर, एजूकेशन और रिसर्च के बारे में जानकारी प्राप्त की।
चेष्टा चौधरी ने जापान में बिताए दिनों का अनुभव शेयर करते हुए बताया कि जापान में पाठ्यपुस्तकीय ज्ञान की जगह प्रेक्टिकल नॉलेज को ज्यादा महत्व दिया जाता है। जो यहां इंडिया में हम किताबों में सिर्फ पढते हैं, वहां वो सब कुछ प्रेक्टिकली समझाया जाता है। जापान के लोगों से हम बहुत कुछ सीख सकते हैं जैसे समय का पाबंद होना, कृतार्थ होना और ट्रेफिक रूल्स फोलो करना। ऐश्वर्या अग्रवाल ने बताया कि उसने वहां आई.टी का साइंस फील्ड में कैसे यूज किया जाए इस बारे में सीखा, इसके लिए कम्प्यूटर पर प्रोग्रामिंग करना सीखाया गया। ऐश्वर्या ने अन्य छात्राओं के साथ अपना अनुभव शेयर करते हुए बताया कि जापान के लोगों से जो सबसे ज्यादा सीखने की बात है वो हैं, अपने देश और अपनी भाषा के प्रति प्रेम करना सीखना। उनके यहां हर काम उन्हीं की भाषा में किया जाता हैं, वो किसी और देश की भाषा को इतना महत्व नहीं देते।
कॉमर्स विभाग की लेक्चरर कनिका जोशी ने कहा कि जापान में 10 दिन रहकर बहुत कुछ सीखने को मिला। तकनीक, संस्कृति, आत्मनिर्भरता और कृतार्थ की भावना जापान के लोगों से सीखी जानी चाहिए। स्टूडेंट् लाईफ में इस तरह की लर्निंग ओपरचुनेटी जब भी मिले उसे नहीं गवाना चाहिए।
चेयरमैन डॉ. राजीव बियानी एवं निदेशक डा. संजय बियानी ने सभी को शुभकामना देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की।
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