Breaking News
Home / Bhakti / आसक्ति है बुराइयों की जड़ – सरस्वती

आसक्ति है बुराइयों की जड़ – सरस्वती

स्वामी शिवानंद सरस्वती के मुताबिक मन भोजन के सुक्ष्म सार से बनता है इसलिए जिन मनुष्यों से भोजन प्राप्त होता है उनसे मन आसक्त हो जाता है। यदि आप कुछ महिनों तक अपने किसी मित्र के साथ रहें और उसी का भोजन करें तो उस अन्नदाता मित्र में आपका मन आसक्त हो जाएगा। यही कारण है कि सन्यासी को 3 या 5 घरों से भिक्षा पर निर्वाह करने का नियम शास्त्रों में हैं । इस प्रकार वह लालच और लत से बचता है और एक गांव से दूसरे गांव में फिरता है। लालच और लत बंधन लाती है । लालच मृत्यु है और ये सारी बुराइयों की जड़ है। इसलिए मनुष्य को लालच और लत से दूर रहना चाहिए और अपने कर्म पर निर्भर होना चाहिए और ईश्वर  पर विश्वास रखना चाहिए ।

Check Also

Yearly Calendar 2021: 2021 के प्रमुख व्रत और त्योहार

Yearly Calendar 2021: 2021 के प्रमुख व्रत और त्योहार

Share this on WhatsAppYearly Calendar 2021: आइए जानते हैं जनवरी 2021 से लेकर दिसंबर 2021 …

Gurukpo plus app
Gurukpo plus app