ऑपरेशन गंगा के तहत आने वाले दिनों में 31 विमानों में 6300 से अधिक भारतीयों को लाने की तैयारी
ऑपरेशन गंगा के तहत आने वाले दिनों में 31 विमानों में 6300 से अधिक भारतीयों को लाने की तैयारी

ऑपरेशन गंगा के तहत आने वाले दिनों में 31 विमानों में 6300 से अधिक भारतीयों को लाने की तैयारी

यूक्रेन के पड़ोसी देशों के लिए 31 निकासी उड़ानें संचालित की जाएंगी और पूर्वी यूरोपीय राष्ट्र में फंसे 6,300 से अधिक भारतीयों को वापस लाया जाएगा। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। रूस के हमले से बुरी तरह प्रभावित यूक्रेन से भारतीयों को वापस लाने के लिए भारत द्वारा चलाए जा रहे अभियान ‘ऑपरेशन गंगा’ के तहत ये उड़ानें ‘एअर इंडिया’, ‘एअर इंडिया एक्सप्रेस’, ‘इंडिगो’, ‘स्पाइजेट’ और भारतीय वायु सेना द्वारा संचालित की जाएंगी। 2 मार्च से 8 मार्च के बीच कुल 31 उड़ानें संचालित की जाएंगी, जिनमें 6300 से अधिक भारतीयों को देश वापस लाया जाएगा।

सूत्रों ने बुधवार को बताया कि ‘एअर इंडिया एक्सप्रेस’ और ‘स्पाइसजेट’ के विमानों में लगभग 180 लोगों के बैठने की क्षमता है, जबकि ‘एअर इंडिया’ और ‘इंडिगो’ के विमान क्रमशः 250 और 216 यात्रियों को ला सकते हैं। ‘एअर इंडिया एक्सप्रेस’ कुल सात उड़ानों, ‘स्पाइसजेट’ चार, ‘इंडिगो’ 12 और ‘एअर इंडिया’ चार उड़ानों का संचालन करेगी। ‘एअर इंडिया एक्सप्रेस’ और ‘एअर इंडिया’ के विमान बुखारेस्ट से उड़ान भरेंगे, जबकि ‘इंडिगो’ बुखारेस्ट, बुडापेस्ट और ज़ेज़ॉ से चार उड़ानें संचालित करेगी। ‘स्पाइसजेट’, बुखारेस्ट से दो, बुडापेस्ट से एक और स्लोवाकिया के कोसिसे से एक उड़ान का संचालन करेगी।


वही बुधवार को केंद्र ने केरल उच्च न्यायालय को बताया कि यूक्रेन पर रूसी हमले की शुरुआत के समय से फंसे छात्रों सहित अनुमानित 20,000 भारतीयों में से 60 प्रतिशत ने यूक्रेन की सीमा पार कर ली है और वे सुरक्षित हैं। केंद्र ने कहा कि बाकी लोगों को बचाने के प्रयास जारी हैं। केंद्र सरकार ने उच्च न्यायालय को बताया है कि ‘ऑपरेशन गंगा’ के तहत, कॉमर्शियल विमानों के अलावा, भारतीय वायु सेना की उड़ानों को भी रोमानिया, पोलैंड, हंगरी और यूक्रेन के अन्य पड़ोसी देशों में जा चुके भारतीयों को निकालने के लिए ऑपरेशन में लगाया गया है। युद्ध प्रभावित खारकीव में फंसे छात्रों के संबंध में, सरकार ने कहा कि वहां की स्थिति अस्थिर बनी हुई है क्योंकि शहर में भारी गोलाबारी जारी है और इसलिए, “हमारे छात्रों को उनकी शारीरिक सुरक्षा के लिए जहां भी हैं वहीं रहने की सलाह दी जाती है।”

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