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जानिए कहां छप रहे थे 2000 के नोट, नोट छापने में आती है कितनी लागत?

नई दिल्लीः 500 और 1000 रुपए के नोट बैन होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्लैक मनी बाहर निकलवाने के लिए 500 और 2000 रुपए के नए नोट प्रचलन में लाने का फैसला किया। 500 रुपए और 2,000 रुपए के नए नोट अब बैंक और एटीएम से मिलने लगे हैं।

मैसूर में छपे थे 2000 के नए नोट
केंद्र सरकार देश के अलग अगल हिस्सों में 500 रुपए और 2,000 रुपए के नए नोट छाप रही है। इससे देश के अलग अलग हिस्सों में नए नोट कम समय में पहुंचाए जा सकेंगे। मैसूर में रिजर्व बैंक की प्रेस हैं। जानकारी के मुताबिक 2000 के मैसूर स्थित भारतीय मुद्रा छापखाने में छपी थीं। अधिकारियों के मुताबिक नोट छापने की शुरूआत अगस्त में ही हो गई थी और 2000 रुपए के तकरीबन 48 लाख नोट छपे थे। 500 के नए नोटों की भी संख्या इतनी ही थी।

इसके अलावा केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल के वेस्ट मिदनापुर में भी 500 रुपए और 2,000 रुपए के नए नोट छपवा रही है। इन जगहों पर सरकार पिछले दो तीन माह से नए नोट छाप रही है।

लंदन, इटली से आता है कागज 
जिस कागज पर इन नोटों की छपाई हुई है वह लंदन, इटली और जर्मनी से आया है। सरकार के सूत्रों के मुताबिक देवास, नासिक और पश्चिम बंगाल स्थित सालबोनी प्रिंटिंग प्रेस में अभी इन कागजों का प्रयोग नहीं हो रहा है।

3.15 रुपए में छपता है 1000 रुपए का नोट
रिजर्व बैंक सेक्युरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और अपनी सब्सिडियरी भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रा से नोट छपवाता है। भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रा से 1000 रुपए का एक नोट छपवाने पर 2.67 रुपए का खर्च आता है वहीं सेक्युरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया से 1000 रुपए का नोट छपवाने पर 3.15 रुपए खर्च आता है। इसी तरह से 100 रुपए का नोट छपवाने पर क्रमश: 1.20 रुपए और 1.41 रुपए खर्च आता है।

RBI को 10,000 रुपए तक के नोट छापने का है अधिकार 
आरबीआई एक्ट के तहत भारतीय रिजर्व बैंक को 5,000 रुपए और 10,000 रुपए तक के नोट छापने का अधिकार देता है। हालांकि आर.बी.आई. इससे अधिक के नोट नहीं छाप सकता है। इसके लिए उसे सरकार की अनुमति लेनी होगी।

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