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तुम डाल-डाल हम पात-पात… पीएम मोदी की सर्जिकल स्ट्राइक

हाल ही में सीमा पर मोदी सरकार की ओर से लिये गये सर्जिकल स्ट्राइक फैसले की तारीफों के पुल बांधें ही जा रहे थे कि 500 और 1000 रूपयें के नोटों को अवैद्य घोषित कर मोदी सरकार ने दूसरी बड़ी इन्टरनल सर्जिकल स्ट्राइक की घोषणा कर भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सोची-समझी स्पष्ट चाल चल दी। सभी शहरों में हड़बड़ी का माहौल रहा और लोग हमेशा की तरह सरकारी तंत्र की आंखों में धूल झोंकने के नये तरीके तलाशने लगे हैं। कई जगह रिटेल दुकानें भी डिस्काउन्ट पर नोट बदलने का केन्द्र बन गई हैं। जिन लोगों के पास बड़ी मात्रा में 500 और 1000  रूपयें के नोट ब्लैकमनी के रूप में रखें हुए हैं, वे उन्हें खपाने के नये तरीकें इस्तेमाल करने लगे है। अब तक सामने आए तरीकों को बियानी टाइम्स यहां पेश कर रहा है।
1. सोने की खरीद : ज्वैलर्स अब भी पांच सौ और हजार रूपयें के पुराने नोट ले रहे हंै। लेकिन पुरानी तारीख के बिल बना रहे हैं। नियमानुसार २ लाख रूपयें से कम की खरीद पर पैन कार्ड की कोई जरूरत नही है। इसलिए 2 लाख रूपयें से कम के बहुत से बिल आसानी से बनाए जा सकते हैं। इस तरह इकठ्ठा किया गया पैसा ज्वैलर्स 30  दिसम्बर 2016  तक अपने बैंक खातों में जमा करा सकते हैं। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि ज्वैलर्स सोने के लिए 40,000  रूपए प्रति ग्राम वसूल रहे है जबकि बाजार में सोने की कीमत 30000 रूपयें है।
2. मंदिरों को दान : लोग मंदिरों के जाकर 500 और 1000  रूपयें के नोटों को 500 रूपयें के नोटों में बदल रहे हैं। इस तरह मंदिरों को दान किए जाने की आदत एकदम तेजी से बढ़ गई है और दान राशि बडे नोटों में परिवर्तित हो गई है। बहुत से लोग मंदिरों के प्रबंधको को विश्वास में लेकर अपना अघोषित धन मंदिरों को दान दिखा रहे हैं और ऐसे दान दाता अज्ञात दान के रूप में रसीद बनवा रहे है।
3. जन-धन खातों का लाभ :
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार कारोबारी विभिन्न चिट-फंड खातों की तरह इस सरकारी रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं। व्यापारी जिन लोगों के नाम से पैसा जमा कर रहे है उन्हें १० प्रतिशत तक कमीशन दे रहे है। बैंक के माघ्यम से पैसा आने के बाद वह व्यक्ति दो -तीन किश्तों मे पैसा निकालकर अपना कमीशन लेकर मालिक को पैसा वापिस लौटा देगा।
4.. परिवार व रिश्तेदारों का सहारा : विभिन्न बैंक खातों में अघोषित आय को टुकड़ों में बांटकर जमा कराया जा सकता है तथा आगामी वर्ष में मामूली आयकर राशि का भुगतान कर इस राशि को वैद्य बनाया जा सकता है। सरकार ने घोषणा की है कि गृहणियों की कम जांच पड़ताल की जायेगी।
इस प्रकार बियानी टाइम्स टीम की ओर विभिन्न क्षेत्रों पर पडऩे वाले प्रभाव की समीक्षा इस प्रकार हैं:-
1.  ब्याज दरों पर प्रभाव : घोषणा होने के बाद पहले दिन ही राजस्थान के करीब 30000 बैंकिग शाखाओं में 35000 करोड़ रूपए जमा हुए। इस आधार पर अनुमान लगाया जा सकता है कि 31 दिसम्बर तक बहुत बड़ी मात्रा में राशि बैंक में जमा की जाएगी। इस तरह बैंको के पास सस्ता धन बढ़ जाएगा जिस कारण जल्दी ही ब्याज दरों में कटौती करने लगेंगे।
2. प्रोपर्टी बाजार : जैसा कि हम जानते है ब्लैकमनी के जरिए इन्वेस्टमेंट के उद्देश्य से 30 प्रतिशत महंगे मकानों की बिक्री होती है परन्तु अब यह थमेगी, जिससे बिल्डरों को घाटा होगा, इसका परिणाम यह होगा कि मकान 30  प्रतिशत सस्ते हो सकते है।
3  किसानों पर प्रभाव : जैसा कि हम जानते है कि कृषिआय, आयकर से मुक्त है, वस्तुत: किसानों पर इसका कोई खासा असर नहीं होगा, किसानों को नोट बदलवाने के लिए खाते खुलवाने होंगे, जिससे किसानों में बैंकिंग की आदत बेहतर हो सकेगी।
4 . शादी-ब्याह में खर्च : गौरतलब है कि ब्लैक मनी का इस्तेमाल शादी-ब्याह में अनावश्यक मद पर खर्च करके किया जाता है। करोड़ों रूपए खर्चकर होने वाली शादियों की संख्या कम हो जाएगी।
आतंकवाद पर प्रभाव: लगभग 1 वर्ष तक आतंकवाद में शिथिलता आ सकती है, जिससे कश्मीर घाटी में शांति कायम होगी।

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