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Special story: मिताली राज ने किक्रेट से लिया संन्यास, 23 साल के करिश्माई सफर का हुआ अंत

मिताली राज ने 23 साल के लंबे करियर के बाद क्रिकेट को अलविदा कहने का ऐलान कर दिया है। मिताली ने 22 गज की पिच पर बहुत कुछ हासिल किया, कई रिकॉर्ड बनाए।

मिताली का  जन्म साल 1982 में राजस्थान के जोधपुर में हुआ था। उनके पिता एयरफोर्स में अफसर थे। उनका परिवार तब राजस्थान के जोधपुर में रहता था।  मिताली  एक तमिल परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता दोराई राज भारतीय वायु सेना में एयरमैन थे और माता लीला राज हैं, बाद में वह जोधपुर से हैदराबाद शिफ्ट हो गए थे।  उन्होंने शुरुआती पढ़ाई भी हैदराबाद से ही की है।

मिताली राज ने महज 10 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया।  उन्हें 16साल की उम्र में ही अंतरराष्ट्रीय पदार्पण करने का मौका मिला।   उन्होंने हैदराबाद में कीज हाई स्कूल से पढ़ाई की ।  फिर इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए सिकंद्राबाद के कस्तूरबा गांधी जूनियर कॉलेज में दाखिला लिया।  मिताली राज ने अपने बड़े भाई के साथ स्कूल के दिनों में क्रिकेट कोचिंग शुरू कर दी थी।  उन्हें बाद में रेलवे टीम ने मौका दिया।  इसके अलावा उन्होंने एयर इंडिया और एशिया महिला-XI टीम का भी प्रतिनिधित्व किया।  अपने 2 दशक से भी लंबे करियर में उन्होंने इस 22 गज की पिच पर बहुत कुछ हासिल किया।

मिताली राज को कई प्रतिष्ठित सम्मान मिले. उन्हें 2003 में अर्जुन अवॉर्ड और 2015 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया।  पिछले साल 2021में उन्हें खेल जगत के सबसे बड़े सम्मान मेजर ध्यानचंद खेल रत्न से भी नवाजा गया।  कई  दिग्गज महिला खिलाड़ियों के साथ भी खेल चुकीं मिताली राज ने अपने करियर के पहले ही वनडे में नाबाद शतक जड़ा था।  उन्होंने तब 114 रन की नाबाद पारी खेली थी।  भारतीय महिला टीम ने उस मैच में आयरलैंड को 161 रन से मात दी थी।

मिताली ने टेस्ट, वनडे और टी20, तीनों फॉर्मेट में भारत का प्रतिनिधित्व किया।  साल 1997 के महिला वर्ल्ड कप में उन्हें संभावित खिलाड़ियों में नामित तो किया लेकिन वह अंतिम-एकादश में जगह नहीं बना सकी।  उनकी उम्र तब महज 14 साल थी. उन्होंने 2001 में लखनऊ में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था।  अपने तीसरे ही टेस्ट मैच में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ दोहरा शतक जमाया और करेन रोल्टन के 209 के सर्वोच्च व्यक्तिगत टेस्ट स्कोर का रिकॉर्ड तोड़ा।  बाद में इस रिकॉर्ड को पाकिस्तान की किरण बलूच ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 242 रन बना कर तोड़ा।

मिताली के करियर की बात करें तो उन्होंने 12 टेस्ट मैचों में 1 शतक और 4 अर्धशतक लगाते हुए कुल 699 रन बनाए।  इसके अलावा वनडे करियर में 232 मैचों में कुल 7805 रन बनाए जिनमें 7 शतक और 64 अर्धशतक शामिल हैं।  टी20 अंतरराष्ट्रीय फॉर्मेट में उन्होंने 89 मैचों में 17 अर्धशतकों की बदौलत कुल 2364 रन बनाए।  वह लेग स्पिन गेंदबाजी भी कर लेती हैं और उनके नाम 8 अंतरराष्ट्रीय विकेट भी हैं।

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