नई दिल्ली। भारत-पाक सीमा पर जहां गोलियों की आवाज सुनी जाती है वहीं अब समझौते के लिए एक अस्थाई कोर्ट बनेगा। दरअसल ये अदालत एक कानूनी जंग के लिए बनाई जाएगी। ये कोर्ट 2007 में समझौता एक्सप्रेस में बम ब्लास्ट केस की सुनवाई के लिए बनाई जाएगी। जिसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए)कर रही है। एनआईए ने गृह मंत्रालय से इसके लिए भारत –पाक बॉर्डर पर अस्थाई कोर्ट बनाने की सिफारिश की है। एनआईए इस मामले में पाकिस्तानी गवाहों से पूछताछ करने के लिए यह अदालत बनाना चाहता है। सीमा पर ऐसा पहली होगा कि अस्थाई अदालत बॉर्डर पर बनेगी। भारत की इस मांग पर पाकिस्तान के मुख्य अभियोजक ने भी अपनी स्वीकृति दी है।
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