नासा ने चांद पर जाने वाले क्रू की घोषणा
नासा ने चांद पर जाने वाले क्रू की घोषणा

नासा ने चांद पर जाने वाले क्रू की घोषणा

राधिका अग्रवाल

नासा 50 साल बाद चांद पर एस्ट्रोनॉट्स भेजने वाला है। आर्टेमिस-2 मिशन के तहत अगले साल चार एस्ट्रोनॉट्स चांद के चारों तरफ चक्कर लगाकर वापस धरती पर आएंगे। इस क्रू में पहली बार एक महिला और एक अफ्रीकन-अमेरिकन  एस्ट्रोनॉट भी शामिल होंगे। अपोलो मिशन के 50 साल से ज्यादा समय के बाद कोई इंसान चंद्रमा तक जाएगा।  10 दिन के इस मून मिशन के लिए क्रिस्टीना हैमॉक कोच को विशेषज्ञ के तौर पर चुना गया है। इससे पहले क्रिस्टीना सबसे ज्यादा समय तक अंतरिक्ष में रहने का रिकॉर्ड बना चुकी हैं। उनके अलावा अमेरिकी नेवी के विक्टर ग्लोवर को भी बतौर पायलट चुना गया है। वो पहले ब्लैक एस्ट्रोनॉट होंगे जो मून मिशन पर स्पेस जाएंगे।

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22 लाख किलोमीटर की यात्रा का टारगेट :

आर्टेमिस-2 मिशन के दौरान करीब 22 लाख किलोमीटर की यात्रा करेंगे । इसका मकसद ये जांचना है कि ओरियन स्पेसशिप के सभी लाइफ-सपोर्ट सिस्टम ठीक से डिजाइन किए गए हैं। जिससे एस्ट्रोनॉट्स को डीप स्पेस में जाने और 2025 में मून लैंडिंग के दौरान परेशानी न हो। आर्टेमिस 2  वापस लौटने से पहले चंद्रमा के सुदूर भाग से कुछ 10,300 किलोमीटर दूर तक जाएगा।

आर्टेमिस मिशन है क्या ?
अमेरिका 50  साल बाद एक बार फिर आर्टेमिस मिशन के जरिए इंसानों को चांद पर भेजने की तैयारी कर रहा है। इसे तीन भागों में बांटा गया है। आर्टेमिस-1, 2 और 3। आर्टेमिस-1 ने चंद्रमा का चक्कर लगाया, कुछ छोटे सैटेलाइट्स छोड़े और चांद के कई जरूरी फोटोज-वीडियोज उपलब्ध कराए।

2024 के में आर्टेमिस-2 को लॉन्च किया जाएगा। इसमें कुछ एस्ट्रोनॉट्स भी जाएंगे, लेकिन वे चांद पर कदम नहीं रखेंगे। वे सिर्फ चांद के ऑर्बिट में घूमकर वापस आ जाएंगे। इस मिशन की अवधि ज्यादा होगी।

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50 साल पुराने अपोलो मिशन से अलग है आर्टेमिस :-

अपोलो मिशन की आखिरी और 17वीं फ्लाइट ने 1972 में उड़ान भरी थी। इस मिशन की परिकल्पना अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जे एफ केनेडी ने सोवियत संघ को मात देने के लिए की थी। उनका लक्ष्य अमेरिका को साइंस एंड टेक्नोलॉजी की फील्ड में दुनिया में पहले स्थान पर स्थापित करना था।

अब अमेरिका आर्टेमिस मिशन के जरिए  नासा का मकसद पृथ्वी के बाहर स्थित चीजों को अच्छी तरह एक्सप्लोर करना है। चांद पर जाकर वैज्ञानिक वहां की बर्फ और मिट्टी से ईंधन, खाना और इमारतें बनाने की कोशिश करना चाहते हैं।

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