बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज में आत्मरक्षा कार्यशाला का आयोजन

जयपुर, 11 अप्रैल 2026। बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज में महिलाओं एवं छात्राओं की सुरक्षा और आत्मविश्वास को सशक्त बनाने के उद्देश्य से आत्मरक्षा कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला रोटरी क्लब जयपुर एवं रोटरी सेल्फ-डिफेंस अकादमी की टीम द्वारा संचालित की गई।

कार्यक्रम के दौरान बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के डायरेक्टर डॉ. संजय बियानी ने अपने संबोधन में कहा, “डर से मुक्त होना ही जीवन है। आज के समय में आत्मरक्षा का ज्ञान हर छात्रा के लिए आवश्यक है। यह केवल शारीरिक सुरक्षा नहीं, बल्कि मानसिक रूप से सशक्त बनने का माध्यम भी है।”

इसके पश्चात रोटरी क्लब जयपुर की अध्यक्ष आरटीएन. डॉ. पल्लवी सिंघवी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा, “यह समय ब्रेन, नॉलेज और अवेयरनेस का है। आप सभी छात्राएं भाग्यशाली हैं कि आपको इस प्रकार का प्रशिक्षण प्राप्त हो रहा है। बढ़ते अपराधों को देखते हुए हर लड़की का सजग और सक्षम होना अत्यंत आवश्यक है।”

कार्यशाला में रोटरी क्लब जयपुर के अध्यक्ष Rtn. CA दुर्गेश पुरोहित एवं सचिव रोटेरियन आर.सी. गुप्ता सहित टीम के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे। विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने आत्मरक्षा के विभिन्न तकनीकी एवं व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया।

प्रशिक्षकों ने बताया कि आत्मरक्षा का अर्थ केवल संघर्ष करना नहीं, बल्कि किसी भी विपरीत परिस्थिति में स्वयं को सुरक्षित बाहर निकालना होता है। उन्होंने मेंटल स्ट्रेंथ, सेल्फ-अवेयरनेस और सही समय पर निर्णय लेने के महत्व पर विशेष जोर दिया।

सेशन के दौरान छात्राओं को “इमीडिएटली उस स्थान को छोड़ देना” जैसे महत्वपूर्ण सुरक्षा उपायों की जानकारी दी गई। साथ ही, फाइव सेंस (पांच इंद्रियों) के प्रभावी उपयोग, संभावित खतरों की पहचान करने तथा अनावश्यक फिजिकल कॉन्फ्रंटेशन से बचने के तरीके भी सिखाए गए।

प्रशिक्षकों ने पर्सनल मोटिव और मटेरियल मोटिव के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी टीम राजस्थान पुलिस को भी आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दे चुकी है, जो उनके अनुभव और विशेषज्ञता को दर्शाता है।

कार्यशाला के दौरान टीम ने विद्यार्थियों को लाइव डेमो के माध्यम से आत्मरक्षा के व्यावहारिक कौशल सिखाए और उनका अभ्यास भी करवाया, जिससे छात्राओं में आत्मविश्वास और जागरूकता का स्तर बढ़ा।

कार्यक्रम के अंत में छात्राओं से फीडबैक लिया गया, जिसमें उन्होंने इस पहल को अत्यंत उपयोगी, जागरूकता बढ़ाने वाला और प्रेरणादायक बताया।

यह कार्यशाला न केवल आत्मरक्षा के कौशल सिखाने में सफल रही, बल्कि छात्राओं में आत्मविश्वास, सजगता और सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में भी महत्वपूर्ण साबित हुई।

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