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करोनाकाल मने नौकरी जाने पर शुरू किया बिज़नेस
करोनाकाल मने नौकरी जाने पर शुरू किया बिज़नेस

कोरोनाकाल में नौकरी जाने पर शुरू किया बिज़नेस

आयुष शर्मा

पंजाब के रहने वाले वैभव मखीजा और कोलकाता की रहने वाली शायंतनी मंडल दोनों दिल्ली में जॉब कर रहे थे। अच्छी-खासी सैलरी थी और पोजिशन भी। सब कुछ बढ़िया चल रहा था, तभी कोरोना आ गया और देशभर में लॉकडाउन लग गया। कुछ वक्त बाद उनकी कंपनी ने प्रोजेक्ट बंद कर दिया और दोनों की नौकरी चली गई। इसके बाद दोनों ने मिलकर खुद का स्टार्टअप शुरू किया। वे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से देशभर में स्किन केयर प्रोडक्ट की मार्केटिंग करने लगे। जल्द ही उनका स्टार्टअप चल निकला और 6 महीने के भीतर उनका टर्नओवर 1.5 करोड़ रुपए पहुंच गया।

27 साल के वैभव 2016 में इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद एक स्टार्टअप से जुड़ गए। करीब 8 महीने तक उन्होंने वहां काम किया। इसके बाद वे एक कंपनी से जुड़ गए। मार्केटिंग के फील्ड में करीब 4 साल तक उन्होंने काम किया। इसी दौरान उनकी दोस्ती शायंतनी से हुई। NIFT से पढ़ीं शायंतनी भी लंबे वक्त से मार्केटिंग के फील्ड में काम कर रही थीं। कोविड से पहले दोनों एक ही कंपनी में एक ही प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे।

जिस फील्ड में एक्सपीरियंस था, उसी में स्टार्टअप शुरू किया

वैभव कहते हैं कि तब मार्केट में हेल्थ केयर प्रोडक्ट की डिमांड बढ़ रही थी। कोरोना की वजह से लोग ऐसे प्रोडक्ट को अपनी लाइफस्टाइल में अपना रहे थे, तो हमने सोचा कि क्यों न कुछ ऐसा प्रोडक्ट लॉन्च किया जाए, जिससे लोगों की हेल्थ रिलेटेड मुश्किलें कम हो सकें और हमें भी रोजगार का प्लेटफॉर्म मिल जाए।

कोरोना के बीच पिछले साल मई-जून में हमने अपने स्टार्टअप को लेकर रिसर्च वर्क शुरू किया। करीब 10 महीने हमने हेल्थ प्रोडक्ट को लेकर स्टडी की। फिर पता चला कि लोग अपनी स्किन और बालों को लेकर बहुत परेशान हैं। मार्केट में उन्हें जो प्रोडक्ट मिल रहे हैं, उससे कुछ खास लाभ नहीं हो रहा है। ऐसे में हमें एक ऐसा प्रोडक्ट तैयार करना चाहिए जिससे बालों का गिरना भी कम हो सके, स्किन भी सही रहे और उन्हें साइड इफेक्ट भी न हो।

 

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