जयपुर (मूलचंद पत्रिका)।
बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज की छात्राएं और साइंस विभागाध्यक्ष प्रतिष्ठित साकुरा साइंस प्रोग्राम-2026 के तहत दो सप्ताह की शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक अध्ययन यात्रा के लिए जापान रवाना हुई। जापान साइंस एंड टेक्नोलॉजी एजेंसी (JST) द्वारा संचालित इस अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंज प्रोग्राम के माध्यम से प्रतिभागी जापान की अत्याधुनिक रिसर्च, तकनीक और इनोवेशन आधारित शिक्षा प्रणाली का अनुभव प्राप्त करेंगे।
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इस लर्निंग विजिट में विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. शिल्पा भार्गव के साथ मीनल शर्मा (बी.एससी. तृतीय वर्ष, बायोटेक्नोलॉजी), मानसी कुमावत (बी.सी.ए द्वितीय वर्ष, आईटी), प्रतीक्षा शर्मा (बी.सी.ए द्वितीय वर्ष, आईटी) तथा भाविका दीक्षित (बी.एससी. प्रथम वर्ष, बायोटेक्नोलॉजी) शामिल हैं।
जापान प्रवास के दौरान छात्राएं प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज, रिसर्च लेबोरेट्रीज और इनोवेशन सेंटर्स का भ्रमण करेंगी। साथ ही वे वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं एवं शिक्षाविदों के साथ संवाद करेंगी तथा एक्सपर्ट लेक्चर्स, टेक्निकल वर्कशॉप्स और एकेडमिक डिस्कशंस में भाग लेकर नवीनतम वैज्ञानिक विकास एवं शोध तकनीकों को समझेंगी। इस दौरान छात्राएं जापान के शोधकर्ताओं के साथ मिलकर आरआईसीपीसी एलिमिनेशन ऑफ मायकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस की प्लाज्मिड तकनीक पर आधारित क्षय रोग (ट्यूबरकुलोसिस) की त्वरित जांच किट (रैपिड टेस्ट किट) के विकास से जुड़े शोध कार्यों को भी समझेंगी। यह अंतरराष्ट्रीय अनुभव छात्राओं को जापान के एजुकेशन-रिसर्च-इंडस्ट्री मॉडल, रिसर्च ओरिएंटेशन, इनोवेशन और ग्लोबल पर्सपेक्टिव से परिचित कराएगा।
साथ ही वे जापानी संस्कृति एवं जीवनशैली को समझते हुए वहां के विद्यार्थियों और फैकल्टी के साथ अकादमिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान का हिस्सा बनेंगी। गौरतलब है कि सभी प्रतिभागियों ने इस प्रतिष्ठित अवसर के लिए आवश्यक जापानी भाषा प्रशिक्षण पूरा करते हुए जेएलपीटी एन-4 परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की है।
बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के चेयरमैन डॉ. राजीव बियानी, एकेडमिक डायरेक्टर डॉ. संजय बियानी एवं प्राचार्या डॉ. ध्यान सिंह गोठवाल ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें जापान से प्राप्त ज्ञान, शोध अनुभव और तकनीकी दृष्टि को आगे साझा करने के लिए प्रेरित किया। इस संपूर्ण कार्यक्रम, जापान विजिट, क्लासेस एवं रिसर्च प्लानिंग का संचालन डायरेक्टर इंटरनेशनल डॉ. राधिका बियानी के नेतृत्व में किया गया।