Sunday , February 18 2018
Home / Education / जापान से लौटी बियानी गर्ल्स कॉलेज की छात्राएं

जापान से लौटी बियानी गर्ल्स कॉलेज की छात्राएं

जापान से पोस्टग्रेजुएशन और पीएचडी करने का मिला प्रस्ताव

जयपुर, 29 नवम्बर। डा. मनीष बियानी के निर्देशन में विद्याधर नगर स्थित बियानी गर्ल्स कॉलेज की असोसिएट प्रोफेसर डॉ. पूनम शर्मा, एसिसटेंट प्रोफेसर आयुषी तंवर एवं 8 छात्राएं सकुरा साइंस प्रोग्राम के तहत अपना 10 दिन का लर्निंग रिसर्च प्रोजेक्ट समाप्त कर जापान से जयपुर पहुँचीं।
10 दिन के इस ट्यूर में छात्राओं ने जापान के कल्चर, लीविंग स्टाइल और पढाई करने के तरीको के बारे में जाना। गौरतलब है कि जापान एशिया ’यूथ एक्सचंेज प्रोग्राम इन साइंस’ के कॉन्सेप्ट पर आधारित कार्यक्रम ’सकुरा’ एशिया और जापान के बीच साइंस और टेक्नोलोजी के तहत भविष्य में सकारात्मक संबंध स्थापित करने के लिए आयोजित किया गया था। 10 दिवसीय इस दौरे में दो फैकल्टी मेम्बर्स सहित 8 छात्राओं साइंस विभाग की सोनम, दिक्षा, कोमल और मुक्ता और आई.टी. विभाग की निकिता, वंशिका और शिवम ने जापान के विभिन्न हिस्सों का विजिट किया और वहां के कल्चर, एजूकेशन और रिसर्च के बारे में जानकारी प्राप्त की।
आईटी विभाग की लेक्चरर डॉ. पूनम शर्मा ने कहा कि जापान में 10 दिन रहकर बहुत कुछ सीखने को मिला। तकनीक, संस्कृति, आत्मनिर्भरता और कृतार्थ की भावना जापान के लोगों से सीखी जानी चाहिए। स्टूडेंट् लाईफ में इस तरह की लर्निंग ओपरचुनेटी जब भी मिले उसे नहीं गंवाना चाहिए। जापान की जाइस्ट की तरफ से इन छात्राओं को जापान से पोस्टग्रेजुशन और पीएचडी करने का प्रस्ताव भी दिया गया है, जो कि उनके कॅरियर के लिए बहुत बडी ओपरच्युनिटी है।
सोनम ने जापान में बिताए दिनों का अनुभव शेयर करते हुए बताया कि जापान में पाठ्यपुस्तकीय ज्ञान की जगह प्रेक्टिकल नॉलेज को ज्यादा महत्व दिया जाता है। जो यहां इंडिया में हम किताबों में सिर्फ पढते हैं, वहां वो सब कुछ प्रेक्टिकली समझाया जाता है। जापान के लोगों से हम बहुत कुछ सीख सकते हैं जैसे समय का पाबंद होना, कृतार्थ होना और ट्रेफिक रूल्स फोलो करना। निकिता ने अन्य छात्राओं के साथ अपना अनुभव शेयर करते हुए बताया कि जापान के लोगों से जो सबसे ज्यादा सीखने की बात है वो हैं, अपने देश और अपनी भाषा के प्रति प्रेम करना सीखना। उनके यहां हर काम उन्हीं की भाषा में किया जाता हैं, वो किसी और देश की भाषा को इतना महत्व नहीं देते।
चेयरमैन डॉ. राजीव बियानी एवं निदेशक डा. संजय बियानी ने सभी को शुभकामना देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की।

Check Also

आरएएस-2018 में 1017 पदों पर हो सकती है भर्ती

अजमेर, प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह अच्छी खबर …