नई दिल्ली। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने नोटबंदी के फैसले के बाद पहली बार अपने विचार साझा किए हैं। उन्होंने पीएम मोदी के नोटबंदी के फैसले और अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को लेकर आशंका जाहिर की है । राष्ट्रपति ने गुरूवार को विडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए देश के राज्यपालों और उपराज्यपालों को संबोधित करते हुए कहा है कि नोटबंदी से जहां कालाधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई हो रही है वहीं इससे देश की अर्थव्यवस्था में अस्थाई रूप से कुछ नरमी आ सकती है। सरकार को गरीबों की तकलीफों को दूर करने में हमें सजग रहना होगा। कहीं ऐसा ना हो की दीर्घकालिक प्रगति की उम्मीद में उनकी ये तकलीफ बर्दाश्त से बाहर हो जाए। राष्ट्रपति मुखर्जी ने कहा कि इस साल 7 राज्यों में चुनाव होंगे और पांच राज्यों में चुनावी तारीखों का ऐलान हो चुका है। राष्ट्रपति ने कहा कि निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनावों ने हमारे देश को दुनियां के सबसे जीवंत लोकतंत्र में शामिल किया है।
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