नई दिल्ली। घूस लेने वाले अफसरों का पर्दाफाश करने के लिए मोदी सरकार ने एक और सख्त कदम उठाया है। केन्द्र सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के सभीे अधिकारियों को अगले महीने तक अपनी संपत्तियों का ब्यौरा देने का निर्देश दिया है। साथ ही केन्द्र सरकार ने अधिकारियों को चेतावनी भी दी है कि ऐसा नहीं होने पर उनकी पदोन्नतियों और विदेशी पदस्थापनाओं के लिए जरूरी सतकर्ता मंजूरी नहीं दी जाएगी। कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने केंन्द्र सरकार के सभी विभागों, राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र लिखकर उनसे आईएएस अधिकारियों की ओर से 31 जनवरी 2018 तक अचल संपत्ति रिटर्न जमा कराने को कहा है।
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