माही ने तूफान लाकर पंत के मुंह से मैच छीन लिया
माही ने तूफान लाकर पंत के मुंह से मैच छीन लिया

माही ने तूफान लाकर पंत के मुंह से मैच छीन लिया

अंजलि तंवर

चेन्नई सुपरकिंग्स के कैप्टन महेंद्र सिंह धोनी ने IPL के पहले क्वालिफायर मैच में कमाल कर दिया। उन्होंने अपने पुराने वाले अंदाज में बैटिंग और कप्तानी दोनों की। उनके फैसलों में कमेंट्री बॉक्स में बैठे सुनील गावस्कर, इरफान पठान और आकाश चोपड़ा लगातार सवाल उठाते रहे, लेकिन धोनी ने सबके मुंह बंद करा दिए।

दअरसल, हुआ कुछ यों कि जब चेन्नई के पारी का दूसरा विकेट गिरा तो धोनी ने सबको चौंकाते हुए शार्दूल ठाकुर को बल्लेबाजी के लिए भेज दिया। उनको मैदान में आते देख कमेंट्री बॉक्स में बैठै सुनील गावस्कर ने कहा कि ये चेन्नई की सबसे बड़ी भूल हो सकती है। इसके बाद अगले करीब 10 ओवर तक जो भी कमेंट्री करने आया सबने इसे धोनी को गलती बताई। इसमें सबसे ज्यादा मुखर होकर आकाश चोपड़ा और इरफान पठान बोल रहे थे।

हद तब हो गई जब 19वें ओवर की पहली गेंद पर ऋतुराज गायकवाड़ के आउट होने पर धोनी बल्लेबाजी करने आए। तब चेन्नई को जीतने के लिए 11 गेंद में 24 रन चाहिए थे। धोनी ने पहली गेंद पर बल्ला भांजा, लेकिन वो चूक गए। गेंद और बल्ले में कोई कनेक्‍शन ही नहीं था। ऐसा होते देख आकाश चोपड़ा ने तुरंत कह दिया कि इस जगह पर रवींद्र जडेजा को आना चाहिए था, न कि धोनी को।

आखिरी ओवर में धोनी ने याद दिलाया कि वो कौन हैं.

अंतिम ओवर में चेन्नई को 13 रनों की दरकार थी और पहली ही गेंद पर टॉम करन ने मोइन अली (16) को दिल्ली को छठी सफलता दिलाई, लेकिन इसके बाद धोनी ने लगातार दो चौके लगाकर चेन्नई को मुकाबले में वापस ला खड़ा किया। करन की अगली गेंद वाइड रही और उसके बाद धोनी ने फिर ने चौका लगाते हुए CSK की जीत पर मुहर लगा दी।

हालांकि, जब अगली गेंद पद धोनी ने छक्का लगा दिया तो आकाश चोपड़ा कहने लगे कि माही मार रहा है। फिर तीसरे गेंद पर माही बुरी तरह से बीट हुए तो दोबारा आकाश ने कमेंट्री कर साथी कमेंटेटर से सवाल किया कि क्या इस जगह पर जड्डू को नहीं आना चाहिए था? साथी कमेंटेटर ने भी हामी भरते हुए कहा कि बिल्कुल उन्हें ही आना चाहिए था।

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