एक चार्ज में दौड़ेगी 100KM; 5 महीने में स्टूडेंट्स ने की तैयार
एक चार्ज में दौड़ेगी 100KM; 5 महीने में स्टूडेंट्स ने की तैयार

एक चार्ज में दौड़ेगी 100KM; 5 महीने में स्टूडेंट्स ने की तैयार

अंजलि तंवर

इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नॉलोजी

राजस्थान के अलवर जिले के इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने फोर सीटर इलेक्ट्रिक कार तैयार की है। देखने में यह गोल्फ कार की तरह है। देश और दुनिया में बहुत-सी ऑटोमोबाइल कंपनियां इलेक्ट्रिक कार बनाकर बाजार में उतार चुकी है।

युवाओं की बनाई गई ये कार अन्य गाड़ियों की तुलना में बहुत सस्ती है। बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दामों और पर्यावरण प्रदूषण से खतरे को देखते हुए छात्रों ने इस कार को बनाया है।

अलवर स्थित लक्ष्मी देवी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नॉलोजी कॉलेज के छात्रों की टीम ने यह कार 75 हजार रुपए की लागत से तैयार की है।

खास बात ये है कि यह कार बिजली से चार्ज होने के साथ-साथ सोलर एनर्जी से भी चल सकती है।

कार एक बार में फुल चार्ज हो जाए तो यह 100 से 110 KM तक की दूरी तय कर सकती है।

प्रोजेक्ट के टीम लीडर अंकित कुमार ने बताया कि इसे 7 स्टूडेंट्स की टीम ने मिलकर तैयार किया है। प्रोजेक्ट को पूरा करने में 5 महीने का समय लगा।

क्या होती है गोल्फ कार

गोल्फ फील्ड, क्रिकेट का मैदान या अन्य खेल के कोई बड़े ग्राउंड में लाइट वेट की एक 4-6 सीटर एक गाड़ी होती है। इस गाड़ी में कोई गियर, क्लच नहीं होता, यह पूरी तरह इलेक्ट्रिक होती है।

अक्सर गोल्फ के खेल में इस गाड़ी को सबसे ज्यादा उयोग में लिया जाता है।

इस कार में 4-5 लोग बैठकर ग्राउंड में एक जगह से दूसरी जगह पर आते-जाते हैं।

टीम में शामिल

ग्रुप लीडर अंकित कुमार के अलावा उनकी टीम में मोहित मीणा, मनोज वर्मा, नवन डबास, गौरव कुमार, मनोज सैनी और श्वेता सेरवाल भी थी। ये सभी कॉलेज के फाइनल ईयर स्टूडेंट्स हैं।

स्मार्ट पार्किंग का बना रहे थे मॉडल, HoD बोले भविष्य को देखते हुए कुछ बड़ा करो

अंकित कुमार अलवरिया ने बताया कि पहले तो वह और उनकी टीम एक स्मार्ट पार्किंग का छोटा-सा मॉडल तैयार कर रहे थे, ताकि जल्द से जल्द प्रोजेक्ट पूरा करके कोर्स को खत्म किया जा सके।

कॉलेज में इलेक्ट्रिकल डिपार्टमेंट के HoD रजनीश कुमार मित्तल ने स्टूडेंट्स को कुछ बड़ा और भविष्य को ध्यान में रखते हुए करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आज दुनिया में सबसे ज्यादा जिस चीज को लेकर क्राइसिस है, उस प्रोब्लम से कैसे निपटा जाए यह ध्यान में रखकर प्रोजेक्ट बनाना चाहिए।

मित्तल सर की बात और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के चैलेंज को देखते हुए हमने इलेक्ट्रिक कार बनाने का निर्णय किया।

लोग सोलर एनर्जी की ओर होंगे डायवर्ट

स्टूडेंट्स के गाइड प्रोफेसर सोनू मनधेरना ने बताया कि मौजूदा समय में पेट्रोल-डीजल की लागत तेजी से बढ़ रही है। एक समय आएगा जब नेचुरल ईंधन खत्म होने लगेगा। तब लोग भविष्य में सोलर एनर्जी और बिजली से चलने वाली गाड़ियों का इस्तेमाल करेंगे।

भारत सहित दूसरे देशों में लोग इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीद रहे हैं। जयपुर में भी बड़ी संख्या में लोग इलेक्ट्रिक गाड़ियां लेना पसंद कर रहे हैं।

 

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