शस्त्रों के नहीं, शास्त्रों के युग की जरूरतः डॉ. बियानी

‘‘सकारात्मक सोच से मस्तिष्क को शक्तिशाली कैसे बनाएं‘‘ पुस्तक का विमोचन

जयपुर, 24 नवम्बर। विद्याधर नगर स्थित बियानी गर्ल्स में गुरूवार को पुस्तक विमोचन कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें कॉलेज के एकेडमिक डायरेक्टर और प्रसिद्ध मोटिवेशनल गुरू डॉ. संजय बियानी की नई पुस्तक ‘‘सकारात्मक सोच से मस्तिष्क को शक्तिशाली कैसे बनाएं’’ का विमोचन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान विधानसभा के डिप्टी स्पीकर राव राजेन्द्र सिंह रहे। उन्होंने डॉ. बियानी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज के दौर में शिक्षा तो दी जा रही है, लेकिन विद्या दिया जाना जरूरी है और यह विद्या तब ही आ सकती है, जब शिक्षा को सही सोच और संस्कारों से जोडा जाए। उन्होंने कहा कि डॉ. बियानी की यह पुस्तक निश्चय ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी।
इस अवसर पर डॉ. संजय बियानी ने अपनी पुस्तक के बारे में बताते हुए कहा कि यह पुस्तक उनके 30 साल के व्यक्तिगत अनुभवों का सारांश है। जिसके माध्यम से वह लोगों को उन विचारों से अवगत कराना चाहते हैं, जिनके आधार पर वह अपने जीवन की कठिन से कठिन समस्याओं को हल कर सकते हैं। डॉ. बियानी ने कहा कि इस पुस्तक के चार भागों में 36 दिन का कोर्स है। जिसे केवल 36 दिन में पढ लिया जाए और अनुसरण किया जाए तो कोई भी व्यक्ति अपने जीवन में 360 डिग्री परिवर्तन ला सकता है।
कार्यक्रम में शहर के कई जाने-माने साहित्यकार, कलाकार, पत्रकार और प्रोफेसर्स ने हिस्सा लिया। जिसमें रवि कामरा, प्रो. संजीव भानावत पद्मश्री अर्जुन प्रजापत, पद्मश्री उस्ताद मोइनुद्दीन खान, प्रो. कलानाथ शास्त्री, प्रो. दयानन्द भार्गव, प्रवीण नाहटा, ज्योतिका कुमारी, डॉ. नन्दा शेखावत, और जयसिंह कोठारी ने शिरकत की। कार्यक्रम के अंत में कॉलेज के चैयरमैन राजीव बियानी ने कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी को धन्यवाद दिया।

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