बसंत पंचमी हर्षोल्लास से मनाई गई
बसंत पंचमी हर्षोल्लास से मनाई गई

बसंत पंचमी हर्षोल्लास से मनाई गई

जयपुर, 5 फरवरी। या कुन्देन्दु तुषाराह, वाणीम देवी वयम नमाम , वीणा वा देवी वर दे…….है माँ……इत्यादि वन्दनाओं के साथ पूरा वातावरण माँ सरस्वती की भक्ति से सरोबार हो गया। मौका था विद्याधर नगर स्थित बियानी गु्रप ऑफ कॉलेज में बसंत पंचमी का।

बियानी गु्रप ऑफ कॉलेज में सभी छात्राओं और स्टॉफ मेम्बर्स ने पीले वस्त्र धारण कर बसंत पंचमी महोत्सव धूमधाम के साथ मनाया जिसमें छात्राओं ने सामूहिक रूप से माँ सरस्वती की पूजा अर्चना की एवं गीत गाये। संस्था के चैयरमैन डॉ. राजीव बियानी, निदेशक डॉ संजय बियानी ने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर द्वीप प्रज्जवलित किया।  इस अवसर पर बियानी गु्रप ऑफ कॉलेज कि प्रिंसिपल डॉ. नेहा पांडे, नर्सिग विभाग की प्रिसिंपल तारावती चौधरी और डीन डॉ ध्यान सिंह गोठवाल भी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर डॉ. राजीव बियानी ने कहा कि बसंत पंचमी अपने आप में एक नई उमंग और नए रंग लेकर आती है। हमें इन रंगों के साथ खुद को सरोबार करना चाहिए।

निदेशक डॉ. संजय बियानी विद्यार्थियों के साथ रूबरू हुए। उन्होंने ने कहा कि बसंत पंचमी एक नई ऊर्जा का संचार करती है। हमे शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना चाहिए। सरस्वती का अर्थ जागना है और हम सभी में सरस्वती का निवास है तो हमें खुद को जगाने की और विचारों से मुक्त होने की जरूरत है। विद्यार्थियों को प्रेरणा लेते हुए नए कार्य की ओर अग्रसर होना चाहिए।

इस अवसर पर कॉलेज की प्रिंसीपल डॉ. नेहा पांडे ने कहा कि प्रकृति की हर कृति हमें कुछ ना कुछ प्रेरणा जरूर देती है तो हमें कभी खुद को बांध कर नहीं रखना है। हमें भी प्रकृति की तरह खिलना है और आगे बढ़ना है।

वहीं कॉलेज के डीन डॉ ध्यान सिंह गोठवाल ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एक औरत में माँ,लक्ष्मी और सरस्वती का निवास होता है और एक शिक्षक ही विद्यार्थियों को सही राह दिखा सकती है। बसंत पंचमी के अवसर पर विद्यार्थियों के द्वारा अपने ही रंग में, रंग दे बंसती, ताल से ताल मिला और छाप तिलक जैसे गानों पर रंगारंग प्रस्तुति दी गई।

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