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बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेस में "चाणक्य" फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का सफल समापन - Biyani Times
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बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेस में “चाणक्य” फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का सफल समापन

जयपुर,। विद्याधर नगर स्थित बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेस में शिक्षकों के सर्वांगीण विकास हेतु आयोजित पाँच दिवसीय “चाणक्य फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम”का आज सफल समापन हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज के मुख्य वक्ता डॉ. सतीश हांडा, निदेशक एवं प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. संजय बियानी, डीन व प्रिंसिपल डॉ. ध्यान सिंह गोठवाल, कॉमर्स एंड मैनेजमेंट विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. शिखा दुग्गड़ तथा सभी नवनियुक्त शिक्षकों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।

लक्ष्य निर्धारण और सकारात्मक सोच पर डॉ. संजय बियानी के प्रेरणादायक विचार

डायरेक्टर डॉ. संजय बियानी ने कहा कि जब तक जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित नहीं होता, तब तक उसकी दिशा तय नहीं हो पाती। लक्ष्य ही व्यक्ति को श्रेष्ठता की ओर प्रेरित करता है। उन्होंने सलाह दी कि हमें दूसरों से तुलना करने के बजाय अपने कार्य को ईमानदारी और समर्पण के साथ करना चाहिए।

उन्होंने पॉजिटिविटी को कम्युनिकेशन के साथ जोड़ते हुए कहा कि आप अपने सहकर्मीयो की सराहना करें। और विद्यार्थियों के बीच एक दूसरे की गुडविल बनाएं।

साथ ही उन्होंने कहा कि हर ज़िम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाना चाहिए, क्योंकि ऐसी आदतें ही व्यक्ति की पर्सनालिटी और कम्युनिकेशन स्किल्स को प्रभावशाली बनाती हैं।

बॉडी लैंग्वेज और संवाद कौशल पर डॉ. सतीश हांडा का रोचक सत्र

वही डॉ.सतीश हांडा ने बॉडी लैंग्वेज और वॉयस मॉड्यूलेशन विषय पर सभी को संबोधित करते हुए कई मुहावरे, गाने और दमशराज जैसी इंटरैक्टिव गतिविधियों के माध्यम से सेशन को रोचक और सहभागिता पूर्ण बनाया। उन्होंने प्रतिभागियों को बॉडी लैंग्वेज को बेहतर ढंग से समझाने के लिए मुहावरों को हावभाव के साथ प्रस्तुत करने का अभ्यास कराया। साथ ही, दमशराज और बैलेंसिंग जैसी गतिविधियों के माध्यम से यह सिखाया गया कि कैसे अपनी बॉडी लैंग्वेज को प्रभावी और नियंत्रित ढंग से उपयोग किया जाए।

अंत में उन्होंने यह संदेश दिया कि आत्म-प्रशंसा आत्मविश्वास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। साथ ही, उन्होंने सुझाव दिया कि कक्षा में प्रभावी संवाद के लिए विद्यार्थियों से आँखों का संपर्क बनाए रखें और घड़ी या अन्य दिशा में न देखें। एक शिक्षक को हमेशा तैयारी के साथ आत्मविश्वासपूर्ण ढंग से कक्षा में उपस्थित होना चाहिए।

प्रभावी मार्केटिंग स्किल्स की जानकारी

वहीं भूपेंद्र खन्ना ने मार्केटिंग स्किल्स की महत्ता बताते हुए इन्हें विकसित करने के व्यावहारिक तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ये कौशल न केवल ब्रांड प्रमोशन, बल्कि व्यक्तिगत और पेशेवर विकास के लिए भी बेहद जरूरी हैं।

NAAC मानकों पर आधारित मार्गदर्शन

देवेंद्र सोनी ने NAAC मानकों के अनुरूप कोर्स फ़ाइल तैयार करने पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बताया कि इसमें पाठ्यक्रम की रूपरेखा, पाठ योजना, मूल्यांकन प्रक्रिया और गुणवत्ता संवर्धन गतिविधियों का स्पष्ट दस्तावेजीकरण आवश्यक है।

यह कार्यक्रम शिक्षकों के विकास की दिशा में एक सार्थक और प्रेरणादायक पहल रहा।

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