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]]>भारतीय पहलवान साजन भनवाल ने स्पेन में चल रहे अंडर-23 वर्ल्ड कप में इतिहास रच दिया है। उन्होंने ग्रीको-रोमन की 77 KG वेट केटगेरी का ब्रॉन्ज मेडल जीता है। वे वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में ग्रीको-रोमन कैटेगरी का ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। यह मेडल इसलिए भी खास है, क्योंकि अब तब भारतीय पहलवान फ्री स्टाइल कैटेगरी में ही मेडल जीत रहे थे।
साजन मुकाबले के शुरुआती दौर में यूक्रेन के दिमित्रो वासेत्स्की के खिलाफ 4-10 से पिछड़ रहे थे। दूसरे-तीसरे राउंड में भारतीय पहलवान ने 10-10 की बराबरी की। बाद में मैच पॉइंट के बाद रेफरी ने उन्हें विजेता घोषित कर दिया।
साजन प्री-क्वार्टर फाइनल में मोल्दोवा के अलेक्जेंड्रिन गुटु से 0-8 से हार गए थे। गुटु के फाइनल में पहुंचने के बार साजन को रेपचेज के तहत मौका मिला। इसमें कजाखिस्तान के रसूल जूनियस को 9-6 से हरया।
रेपचेज शुरुआती दौर में हारने वाले पहलवान को एक मौका और देता है। बशर्ते, वह शुरुआती दौर में जिस पहलवान से हारा है। उसने फाइनल में जगह बना ली हो। सीधे शब्दो में कहे फाइनलिस्ट पहलवानों ने शुरुआती राउंड में जिन्हें हराया है उनके पास रेपचेज राउंड से ब्रॉन्ज जीतने का मौका होता है।
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]]>The post ओलिंपिक में 41 साल बाद भारत ने हॉकी में जीता मेडल appeared first on Biyani Times.
]]>भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने इतिहास रच दिया है। टीम ने 41 साल के सूखे को खत्म करते हुए भारत को हॉकी में ब्रॉन्ज मेडल दिलाया है। ओलिंपिक में भारत की हॉकी टीम को आखिरी पदक 1980 में मॉस्को में मिला था, जब वासुदेवन भास्करन की कप्तानी में टीम ने गोल्ड जीता था। टीम इंडिया ने ब्रॉन्ज मेडल मैच में जर्मनी को 5-4 से हरा दिया।
दूसरे क्वार्टर में 3-1 से पिछड़ने के भारत ने जबरदस्त वापसी की और लगातार 4 गोल दागे। भारत के लिए सिमरनजीत सिंह ने 17वें और 34वें, हार्दिक सिंह ने 27वें, हरमनप्रीत सिंह ने 29वें और रुपिंदर पाल सिंह ने 31वें मिनट में गोल किया।
हालांकि चौथे क्वार्टर में जर्मनी ने एक और गोल दागा और स्कोर 5-4 कर दिया था। इसके बाद भारतीय डिफेंस ने जर्मनी को कोई मौका नहीं दिया।
कोच ग्राहम रीड ने कहा- आखिरी मैच में दबाव और तनाव था, लेकिन हम संतुलित थे। सबकुछ बहुत अच्छा गया। गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने कहा कि डेढ़ साल तक हार्डवर्क किया है। हमारा सिर्फ यही लक्ष्य था कि जीतना है। अब डेढ़ साल की मेहनत रंग लाई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय पुरुष हॉकी टीम को ओलिंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि ये एक ऐतिहासिक दिन है। ये दिन हर भारतीय के जेहन में हमेशा मौजूद रहेगा। टीम इंडिया को ब्रॉन्ज घर लाने के लिए बधाई। उन्होंने हमारे देश के युवाओं को नई उम्मीद दी है। भारत को अपनी हॉकी टीम पर गर्व है।
जीत के बाद कप्तान मनप्रीत सिंह ने कहा- मुझे लगता है कि इस ओलिंपिक में खिलाड़ियों ने बहुत मेहनत की है और वे मेडल डिजर्व करते हैं।
खुशी जाहिर करने के लिए शब्द नहीं हैं मेरे पास। हमारे गोलकपीर श्रीजेश ने कहा था कि जर्मनी का मैच प्रेशर वाला मैच है।
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