5जी: राजस्थान को 5G मोबाइल तकनीक से लैस करने के लिए अब दूरसंचार मंत्रालय और राजस्थान सरकार मिलकर काम करेंगे। मंत्रालय की दखल के बाद राज्य में मुख्य सचिव के नेतृत्व में एक कमेटी बन गई है। जो मुख्य तौर पर लेटेंसी यानी मोबाइल डाटा को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने पर लगने वाले समय को कम करने के लिए काम करेगी। इसके लिए हर मोबाइल टावर को फाइबर से जोड़ने का काम होगा। उसके बाद लेटेंसी 10 मिली सेकंड से घटकर 1 मिली सेकंड हो जाएगी। यानी इंटरनेट स्पीड इतनी तेज होगी कि सब कुछ रियल टाइम होगा। अभी राज्य में केवल 27% ही फाइबर केबल से जुड़े हैं, जबकि इसे इसी साल 70 प्रतिशत तक पहुंचाना है।
5जी से बढ़ाई जाएगी बैंडविथ
बैंडविथ जितनी ज्यादा होगी इंटरनेट उतना ही तेज चलेगा। मौजूदा 2G, 3G और 4G के मुकाबले 5G में ज्यादा बैंडविथ उपलब्ध होंगी। हालांकि ज्यादा बैंडविथ के लिए कई गुना ज्यादा मोबाइल टावरों की जरूरत होगी।
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