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कानून मंत्रियों की ऑल इंडिया कॉन्फ्रेंस - Biyani Times
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कानून मंत्रियों की ऑल इंडिया कॉन्फ्रेंस

कानून मंत्रियों की ऑल इंडिया कॉन्फ्रेंस

कानून मंत्रियों की ऑल इंडिया कॉन्फ्रेंस

तानिया शर्मा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कानून मंत्रियों और कानून सचिवों के ऑल इंडिया कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। दो दिन तक चलने वाला यह कॉन्फ्रेंस गुजरात के एकता नगर में कानून और न्याय मंत्रालय की ओर से आयोजित किया गया है। इसमें केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री किरन रिजिजू भी हिस्सा ले रहे है।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए PM मोदी ने कहा कि कानून की भाषा सरल होनी चाहिए, ताकि आम आदमी को इससे डर न लगे। जजमेंट स्थानीय भाषा में भी लिखे जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि लोक अदालतों के माध्यम से देश में बीते वर्षों में लाखों केसों को सुलझाया गया है। इनसे अदालतों का बोझ भी कम हुआ है और खासतौर पर गांव में रहने वाले लोगों और गरीबों को न्याय मिलना भी बहुत आसान हुआ है।

डेढ़ हजार से ज्यादा पुराने कानून रद्द हुए प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि देश के लोगों को सरकार का दबाव भी महसूस नहीं होना चाहिए। हमने डेढ़ हजार से ज्यादा पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को रद्द कर दिए है। इनमें से अनेक कानून तो गुलामी के समय से चले आ रहे हैं।

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के मुताबिक, कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य नीति निर्माताओं को भारतीय कानूनी और न्यायिक प्रणाली से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक साझा मंच प्रदान करना है। इसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कानून मंत्री और सचिव शामिल हो रहे हैं।

केंद्र- राज्यों के बीच कोऑर्डिनेशन पर चर्चा

इस कॉन्फ्रेंस के जरिए राज्य और केंद्र शासित प्रदेश नए आइडिया का आदान-प्रदान करने और अपने आपसी सहयोग में सुधार करने में सक्षम होंगे। कॉन्फ्रेंस में विवाद को हल करने के लिए मध्यस्थता जैसे वैकल्पिक समाधान तंत्र विकसित करने पर चर्चा होगी। पेंडिंग केसेस को कम करने, जल्दी निपटारा करने, केंद्र और राज्यों के बीच कोऑर्डिनेशन और राज्य की कानूनी व्यवस्था को मजबूत करने पर भी चर्चा होगी।

अप्रचलित कानूनों को हटाना और न्याय तक पहुंच में सुधार करने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होगी। लंबित मामलों को कम करने और त्वरित निपटान सुनिश्चित करने, बेहतर केंद्र-राज्य समन्वय के लिए राज्य के विधेयकों से संबंधित प्रस्तावों में एकरूपता लाने और राज्य की कानूनी व्यवस्था को मजबूत करने पर भी चर्चा की जाएगी।

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