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आखिर आदमी अशांत क्यों?

जयपुर शहर के रामगंज में अशांति का वातावरण क्यों?

८ सितम्बर २०१७ को रामगंज बाजार में सड़क पर ठेले हटाने के दौरान बाइक सवार दम्पति को डण्डा लग गया, इसके बाद विवाद थाने तक पहुँच गया। अभी समझाइश चल ही रही थी कि थाने के बाहर भीड़ जमा हो गई और आक्रोशित भीड ने २१ वाहनों, एम्बूलेंस में तोड़ फोड़, सहित बिजली पावर हाउस को फंूक दिया तथा घटना में पुलिस बल का भी प्रयोग किया गया जिससे १० पुलिसकर्मियों सहित १६ लोगों को चोटे आई एवं आदिल नाम के शख्स की मौत हो गई। इस तरह की घटना भविष्य के लिए एक बड़ा संकेत है यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर कर देती है कि आखिर लोग क्यों इतने अशांत और उग्र है।
आखिर क्यों कुछ लोग, इसी घटनाओं को सम्प्रदायिक रंग देने में लग जाते है। जयपुर शहर शांति और प्रेम के लिए जाना जाता है। अगर हम यह चाहते है कि भविष्य में गुलाबी नगर की शान बरकरार रहे तो हमारे द्वारा कुछ नवीन प्रयास किये जाये चाहिए।
सबसे पहले तो इस तरह की घटनाओं के मुख्य कारण सही शिक्षा की कमी एवं बेरोजगारी है। अब समय आ गया है जब मदरसो व मंदिरों को स्किल डवलपमेंट सेंटर के रूप में विकसित किया जाये, जिससे युवाओं को कौशल शिक्षा के द्वारा रोजगार और व्यवसाय से जोड़ा जा सके।
जब व्यक्ति आर्थिक रूप से सक्षम होगा तब ही वह धर्म के अनुरूप व्यवहार कर सकेगा। अशांत युवा मन आगजनी तोड़-फोड़ और दंगे के लिये प्रेरित होता रहेगा।
वैसे ही केन्द्र सरकार कौशल शिक्षा के लिए बड़ी योजनाऐं संचालित कर रही है इसके लिए अतिरिक्त पुलिस चौकियों को सीसीटीवी एवं ड्रोन कैमरे आदि से सुसज्जित किया जाना चाहिए।
इसके अलावा आगजनी, सरकारी सम्पति को नुकसान पहुंचाने के संबंध में सख्त कानून बनाये जाने चाहिए ताकि चंद लोग जो सामान्य सी
घटनाओं को साम्प्रदायिक और
राजनीतिक रंग देने की कोशिश करते है, उनमें खौफ और भय कायम किया जा सके।
अभी हाल में ही हम लोगों ने ईद और गणेश चतुर्थी पर्व एक साथ मनाया था, यह हमारे आपसी भाईचारे का परिचायक है।
आइये, हम सब लोग इन घटनाओं से सबक ले ताकि अमन शांति एवं सद्भावना को कायम किया जा सकें।
प्रेम, स्नेह व सम्मान के साथ…

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