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दोस्त बन पीएम ने की ‘परीक्षा पर चर्चा’

दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित हुए इस कार्यक्रम में 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षा से पहले आज प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों से परीक्षा पर चर्चा की। प्रधानमंत्री जब दोस्त बन रूबरू हुए तो छात्रों ने तालियों साथ पीएम का अभिनन्दन किया। प्रधानमंत्री ने बच्चों से कहा- मैं आपका दोस्त हूं,यह प्रधानमंत्री का कार्यक्रम नहीं बल्कि बच्चों का कार्यक्रम है, आप सब मेरे एगजामिनर हैं देखते हैं कि आप मुझे 10 में से कितने अंक देते हैं। इस कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने बच्चों से सवाल भी पूछे। पीएम ने कहा कि अगर आपके पास आत्मविश्वास नहीं है तो देवी-देवता भी आपकी सहायता नहीं कर सकते। उन्होंने विवेकानन्द का जिक्र करते हुए कहा कि विवेकानन्द कहते थे कि अपने आपको कभी भी कम मत आंको। स्कूल जाते वक्त दिमाग से यह निकाल दें कि आप परीक्षा देने जा रहे हैं।, आप यह समझिए कि आप स्वयं खुद को अंक देने वाले हैं। इस भाव के साथ आप परीक्षा में बैठिए। गौरतलब है कि देश भर के अलग-अलग कोनों से लाखों की संख्या में छात्र-छात्राएं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस कार्यक्रम का हिस्सा बने हैं। कार्यक्रम के दौरान मोदी ने आत्मविश्वास को कैसे बनाए रखें, एकाग्र्रता कैसे बढ़ाएं, दूसरों से तुलना के कारण होने वाले तनाव से कैसे बचें, योग कैसे करेंं आदि सवालों के जवाब दिए। इस कार्यक्रम में पीएम और छात्रों के बीच चर्चा का मुख्य विषय बोर्ड परीक्षा और परीक्षा से जुड़ीं समस्याएं रहीं। कार्यक्रम में पीएम के संबोधन से पहले केन्द्रीय विद्यालय के छात्रों ने सांस्कृतिक कर्यक्रम में नृत्य की प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में पीएम मोदी के साथ एचआरडी मिनिस्टर प्रकाश जावड़ेकर भी मौजूद रहे।
कुछ खास सवालों का पीएम मोदी ने ऐसे दिया जवाब

सवाल- गिरीश नामक छात्र ने पीएम से कहा कि सर अगले साल मेरी भी परीक्षा है और आपकी भी, मेरी बोर्ड की परीक्षा है और आपकी लोकसभा चुनाव में, क्या आप कुछ नर्वस हैं?

पीएम का जवाब-
मेरी आपको सलाह है कि आप पत्रकारिता में जाइए। आप पत्रकारों की तरह बड़ा लपेटकर सवाल पूछते हैं। खैर मेरी परीक्षा में सवा सौ करोड़ देश की जनता मेरे साथ रहेगी और जनता का साथ रहा तो मैं पास हो जाऊंगा।

दिल्ली और लद्दाख से छात्रों का सवाल-

परीक्षा के दौरान मां-बाप बच्चों पर दबाव बनाते हैं, लेकिन संतुष्ट नहीं होते हैं, इससे बच्चों के अंदर की इच्छाएं मर जाती हैं।
सवाल के जवाब में पीएम ने बच्चों से मजाक में कहा कि आप क्या चाहते हैं कि मैं आपके पेरैन्ट्स की क्लास लूं। पीएम ने सवाल के जवाब में आगे कहा कि भारत का बच्चा जन्मजात राजनेता होता है क्योंकि वह संयुक्त परिवार में रहता है और उसको कोई काम करवाने के लिए घर में राजनीति करनी पड़ती है। प्रधानमंत्री ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि आप बच्चों को सोशल स्टेट्स न बनाएं।, कोई भी बच्चा ऐसा नहीं होता जिसके अंदर कोई न कोई हुनर न होता है, परिवार में खुला वातावरण होना बहुत जरूरी है, बेटा-बेटी जब 18 वर्ष के हो जाएं तो उन्हें मित्र मानना चाहिए।

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